Friday, July 30, 2021
Home स्थानीय खबरें गुमनामी में अब है बरही का चचरो पार्क

गुमनामी में अब है बरही का चचरो पार्क

आवाज डेली
बरही। प्रखण्ड अंतर्गत माधोपुर स्थित चाचा नेहरू के नाम से कभी देश भर में प्रचलित चचरो पार्क अब गुमनामी के अंधेरे में है।

पार्क की जो हालत है उसमें यह अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जबकि कभी यह पार्क घड़ियाल प्रजाति के ब्रीडिंग सेंटर के कारण जाना गया। लेकिन धीरे धीरे फंड ख़त्म किया गया और यह पार्क बंद होता चला गया ।

पार्क की बदहाली का जायजा लेने राष्ट्रीय यादव सेना के जिला महामंत्री संजय यादव, उपमुखिया प्रतिनिधि बसंत यादव, सुभाष यादव, दिनेश यादव, पार्क सुरक्षाकर्मी दर्शन यादव, रामसहाय यादव पार्क पहुचे।

मौके पर राष्ट्रीय यादव सेना के महामंत्री संजय यादव ने कहा जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग की लापरवाही की उदासीनता के कारण पार्क की स्थिति दयनीय है।

पार्क में स्थापित चाचा नेहरू की प्रतिमा तक टूट फूट कर बिखरा पड़ा है। पार्क की स्थिति को देखने के लिए समय समय पर प्रशासनिक पदाधिकारियों का आना होता है। लेकिन इस पर कोई ठोस कदम आज तक नहीं उठाया गया हैं।

झारखंड का एकमात्र टापू है। जो तिलैया डैम का जलाशय एवं जंगल से घिरा है।

यहां आने जाने का मार्ग दुर्गम है। यही कारण है कि पार्क की स्थिति इतनी दयनीय है। संजय यादव ने राज्य सरकार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस पार्क की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि यदि पार्क के ओर विशेष ध्यान नही दिया गया तो पार्क अपना अस्तित्व हमेशा के लिये खो देगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

झारखंड के सियासत की हांडी में फिर पक रही खिचड़ी, खेला होबे

रांची/ हज़ारीबागझारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर खतरा मंडरा रहा है। क्योंकि झारखंड के सियासत की हांडी में एकबार फिर पक रही खिचड़ी। खेला...

पतरातु डैम से जिस युवती की मिली लाश, वह निकली हजारीबाग मेडिकल काॅलेज की छात्रा

आवाज डेलीहजारीबाग । पतरातू डैम में 26 वर्षीया जिस युवती का हांथ- पैर बांधकर उसकी लाश डैम में फेंक दिया गया था,...

हज़ारीबाग नगर निगम के प्रधान लिपिक का निधन

आवाज डेलीहज़ारीबाग। नगर निगम के प्रधान लिपिक संजय कुमार का शुक्रवार को निधन हो गया। 45 वर्षीय संजय हनुमान मंदिर के पास...

एक सेवानिवृत पुलिस अधिकारी के प्रति विभाग बना अंजान

आवाज संवाददाता हजारीबाग। नौकरी में रहते हुए जिस पुलिस अधिकारी ने विभाग को अहमियत दी उन्हीं के लिये विभाग...

Recent Comments

error: Content is protected !!